image post

शहर को मिल रही 51 नई बसों की सौगात , सड़क परिवहन निगम (सपनि) का विकल्प बनकर 11 सालों बाद सरकारी बसों की वापसी

सरकारी बसें क्या होती हैं और उसका क्या महत्व होता है,आखिर ये बात सरकार को समझ आ ही गई।यही कारण है  कि सड़क परिवहन निगम(सपनि) के बंद होने के 11 सालों के बाद एक बार फिर से सपनि का विकल्प सरकार को ढूंढ़ना पड़ा।इस सेवा का नाम ‘सूत्र सेवा‘ रखा गया है।शहर में इंट्रा और इंटर सिटी चलने वाली 51 सरकारी बसें होंगी ।ये एसी और नॉन एसी दोनों किस्म की बसें होंगी।इसमें 5 बसों का उद्घाटन शहर में 23 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इंदौर से विडियो कॉन्फ्रेसिंग  के जरिये करेंगे। ये सरकारी बसें सफ़ेद रंग में हरे कॉम्बिनेशन के साथ सड़कों पर उतारी जा रही हैं ।

 यदि बात दूसरे प्रदेश की हो तो यहाँ सड़क परिवहन निगम(सपनि) की बसें अब भी चल रही हैं ।यही कारण है की यहां की सीमा में प्राइवेट बसों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती है,जिससे प्राइवेट बसों की सरहदें धीरे – धीरे कम होती जा रही हैं । जबलपुर शहर से नाम के लिए महाराष्ट्र में सिर्फ नागपुर और छग में रायपुर के लिए बसें चल रही हैं ।बाकि जगह बस परिवहन की सुविधा से सवारियां वंचित हो रही हैं,लेकिन ये सरकारी बसें बेधड़क कही भी जा सकेंगी ।बसें एसी और नॉन एसी दोनों किस्म की होंगी ,जो पूरी तरह सरकारी कहलाएंगी ।बसों पर नियंत्रण नगरीय प्रशासन और विकास विभाग का होगा ।शुरुआत में बसों का संचालन दो क्लस्टर में होगा ।जिन्हें इंट्रा और इंटर सिटी नाम दिया गया है ।शहर में बसों के संचालन के लिए खरीदी साउथ के ऑपरेटर ने की है ।पूरे प्रदेश  में सरकारी बसों की खरीदी की जा रही है।नगरीय प्रशासन विकास विभाग सेन्ट्रलाइज कण्ट्रोल सिस्टम के लिए बसों की कमांड रखेगा ।इन बसों का वर्कशॉप व डिपो आईएसबीटी में होगा ,इसके लिए फंडिंग विभाग ही करेगा

Total Visitors : 123921

Up